duas_cat_anxiety

10 duas

1

اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنَ الْهَمِّ وَالْحَزَنِ، وَالْعَجْزِ وَالْكَسَلِ، وَالْبُخْلِ وَالْ...

हे अल्लाह! मैं फ़िक्र और ग़म से, आजिज़ी और सुस्ती से, कंजूसी और बुज़दिली से, क़र्ज़ के बोझ और लोगों के ग़लबे से तेरी पना...

Bukhari 2893, 6369
2

لَا إِلَٰهَ إِلَّا اللَّهُ الْعَظِيمُ الْحَلِيمُ، لَا إِلَٰهَ إِلَّا اللَّهُ رَبُّ الْعَرْشِ الْعَظِ...

अज़ीम, हलीम अल्लाह के सिवा कोई मा'बूद नहीं। अर्श-ए-अज़ीम के रब अल्लाह के सिवा कोई मा'बूद नहीं। आसमानों के रब, ज़मीन के र...

Bukhari 6346, Muslim 2730
3

لَا إِلَٰهَ إِلَّا أَنْتَ سُبْحَانَكَ إِنِّي كُنْتُ مِنَ الظَّالِمِينَ

तेरे सिवा कोई मा'बूद नहीं। तू पाक है। बेशक मैं ज़ालिमों में से था।...

Quran 21:87 (Dua of Prophet Yunus)
4

اللَّهُمَّ إِنِّي عَبْدُكَ، ابْنُ عَبْدِكَ، ابْنُ أَمَتِكَ، نَاصِيَتِي بِيَدِكَ، مَاضٍ فِيَّ حُكْمُك...

हे अल्लाह! मैं तेरा बंदा हूं, तेरे बंदे का बेटा हूं, तेरी बांदी का बेटा हूं। मेरी पेशानी तेरे हाथ में है। तेरा हुक्म मुझ...

Ahmad 3712, Sahih al-Jami 2372
5

حَسْبُنَا اللَّهُ وَنِعْمَ الْوَكِيلُ

अल्लाह हमें काफ़ी है और वह कितना अच्छा कारसाज़ है।...

Quran 3:173
6

أَعُوذُ بِكَلِمَاتِ اللَّهِ التَّامَّاتِ مِنْ شَرِّ مَا خَلَقَ

मैं अल्लाह के मुकम्मल कलिमात की पनाह लेता हूं उसकी मखलूक़ात के शर से।...

Muslim 2708
7

بِسْمِ اللَّهِ الَّذِي لَا يَضُرُّ مَعَ اسْمِهِ شَيْءٌ فِي الْأَرْضِ وَلَا فِي السَّمَاءِ وَهُوَ الس...

अल्लाह के नाम से जिसके नाम के साथ ज़मीन और आसमान में कोई चीज़ नुक़सान नहीं पहुंचा सकती और वह सुनने वाला जानने वाला है।...

Abu Dawud 5088, Tirmidhi 3388
8

إِنَّا لِلَّهِ وَإِنَّا إِلَيْهِ رَاجِعُونَ، اللَّهُمَّ أَجِرْنِي فِي مُصِيبَتِي وَاخْلُفْ لِي خَيْر...

बेशक हम अल्लाह के लिए हैं और उसी की तरफ़ लौटने वाले हैं। हे अल्लाह! मेरी मुसीबत में मुझे अज्र दे और उससे बेहतर बदला दे।...

Muslim 918
9

اللَّهُمَّ أَسْلَمْتُ نَفْسِي إِلَيْكَ، وَفَوَّضْتُ أَمْرِي إِلَيْكَ، وَوَجَّهْتُ وَجْهِي إِلَيْكَ، ...

हे अल्लाह! मैंने अपनी जान तेरे हवाले कर दी, अपना मामला तेरे सुपुर्द कर दिया, अपना चेहरा तेरी तरफ़ कर लिया, अपनी पीठ तुझ ...

Bukhari 6311, Muslim 2710
10

لَا حَوْلَ وَلَا قُوَّةَ إِلَّا بِاللَّهِ

कोई ताक़त और क़ूवत नहीं मगर अल्लाह की मदद से।...

Bukhari 4205, Muslim 2704