duas_cat_repentance
10 duas
اللَّهُمَّ أَنْتَ رَبِّي لَا إِلَٰهَ إِلَّا أَنْتَ، خَلَقْتَنِي وَأَنَا عَبْدُكَ، وَأَنَا عَلَى عَهْ...
हे अल्लाह! तू मेरा रब है। तेरे सिवा कोई मा'बूद नहीं। तूने मुझे पैदा किया और मैं तेरा बंदा हूं। मैं तेरे अहद और वा'दे पर ...
Bukhari 6306أَسْتَغْفِرُ اللَّهَ وَأَتُوبُ إِلَيْهِ
मैं अल्लाह से मग़फ़िरत चाहता हूं और उसकी तरफ़ रुजू करता हूं।...
Bukhari 6307, Muslim 2702رَبَّنَا ظَلَمْنَا أَنْفُسَنَا وَإِنْ لَمْ تَغْفِرْ لَنَا وَتَرْحَمْنَا لَنَكُونَنَّ مِنَ الْخَاسِرِ...
ऐ हमारे रब! हमने अपने आप पर ज़ुल्म किया। अगर तू हमें न बख़्शे और हम पर रहम न करे तो हम ज़रूर नुक़सान उठाने वालों में से ...
Quran 7:23 (Dua of Adam and Hawwa)أَسْتَغْفِرُ اللَّهَ الَّذِي لَا إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ الْحَيُّ الْقَيُّومُ وَأَتُوبُ إِلَيْهِ
मैं उस अल्लाह से मग़फ़िरत चाहता हूं जिसके सिवा कोई मा'बूद नहीं, वह हमेशा ज़िंदा है, सबको संभालने वाला है, और मैं उसकी तर...
Abu Dawud 1517, Tirmidhi 3577رَبِّ اغْفِرْ لِي وَتُبْ عَلَيَّ إِنَّكَ أَنْتَ التَّوَّابُ الرَّحِيمُ
ऐ मेरे रब! मुझे बख़्श दे और मेरी तौबा कबूल फ़रमा। बेशक तू बहुत तौबा कबूल करने वाला, रहम फ़रमाने वाला है।...
Abu Dawud 1516, Tirmidhi 3434رَبِّ اغْفِرْ لِي وَلِوَالِدَيَّ وَلِمَنْ دَخَلَ بَيْتِيَ مُؤْمِنًا وَلِلْمُؤْمِنِينَ وَالْمُؤْمِنَا...
ऐ मेरे रब! मुझे, मेरे वालिदैन को, जो मेरे घर में मोमिन हो कर दाखिल हो और तमाम मोमिन मर्दों और औरतों को बख़्श दे।...
Quran 71:28 (Dua of Prophet Nuh)اللَّهُمَّ اغْفِرْ لِي ذَنْبِي كُلَّهُ، دِقَّهُ وَجِلَّهُ، وَأَوَّلَهُ وَآخِرَهُ، وَعَلَانِيَتَهُ وَ...
हे अल्लाह! मेरे सारे गुनाह माफ़ कर दे, छोटे और बड़े, पहले और आख़िरी, ज़ाहिर और छुपे।...
Muslim 483اللَّهُمَّ إِنِّي ظَلَمْتُ نَفْسِي ظُلْمًا كَثِيرًا، وَلَا يَغْفِرُ الذُّنُوبَ إِلَّا أَنْتَ، فَاغْف...
हे अल्लाह! मैंने अपने आप पर बहुत ज़ुल्म किया और गुनाहों को तेरे सिवा कोई नहीं बख़्शता। अपनी तरफ़ से मुझे बख़्श दे और मुझ...
Bukhari 834, Muslim 2705اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنْ شَرِّ مَا عَمِلْتُ وَمِنْ شَرِّ مَا لَمْ أَعْمَلْ
हे अल्लाह! मैंने जो किया उसके शर से और जो नहीं किया उसके शर से तेरी पनाह मांगता हूं।...
Muslim 2716سُبْحَانَ اللَّهِ وَبِحَمْدِهِ، أَسْتَغْفِرُ اللَّهَ وَأَتُوبُ إِلَيْهِ
अल्लाह पाक है और उसकी हम्द है। मैं अल्लाह से मग़फ़िरत चाहता हूं और उसकी तरफ़ रुजू करता हूं।...
Bukhari 6405, Muslim 484