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15 duas
سُبْحَانَكَ اللَّهُمَّ وَبِحَمْدِكَ، وَتَبَارَكَ اسْمُكَ، وَتَعَالَى جَدُّكَ، وَلَا إِلَٰهَ غَيْرُكَ
हे अल्लाह! तू पाक है और तेरी ही तारीफ है। तेरा नाम बरकत वाला है, तेरी शान बुलंद है और तेरे सिवा कोई पूज्य नहीं।...
Abu Dawud 775, Tirmidhi 243, Nasai 899وَجَّهْتُ وَجْهِيَ لِلَّذِي فَطَرَ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ حَنِيفًا وَمَا أَنَا مِنَ الْمُشْرِكِين...
मैंने अपना चेहरा उसकी तरफ कर लिया जिसने आसमानों और ज़मीन को पैदा किया, एक तरफ़ा होकर, और मैं मुशरिकों में से नहीं हूं।...
Quran 6:79سُبْحَانَ رَبِّيَ الْعَظِيمِ
मेरा महान रब पाक है।...
Abu Dawud 871, Tirmidhi 262, Nasai 1046سَمِعَ اللَّهُ لِمَنْ حَمِدَهُ
अल्लाह उसकी सुनता है जो उसकी तारीफ करता है।...
Bukhari 795, Muslim 392رَبَّنَا وَلَكَ الْحَمْدُ، حَمْدًا كَثِيرًا طَيِّبًا مُبَارَكًا فِيهِ
हे हमारे रब! सारी तारीफ तेरे लिए है, बहुत, पाक और बरकत वाली तारीफ।...
Bukhari 799سُبْحَانَ رَبِّيَ الْأَعْلَى
मेरा सबसे ऊंचा रब पाक है।...
Abu Dawud 871, Tirmidhi 262, Nasai 1046رَبِّ اغْفِرْ لِي، رَبِّ اغْفِرْ لِي
हे मेरे रब! मुझे माफ कर, हे मेरे रब! मुझे माफ कर।...
Abu Dawud 874, Ibn Majah 897اللَّهُمَّ اغْفِرْ لِي، وَارْحَمْنِي، وَاهْدِنِي، وَعَافِنِي، وَارْزُقْنِي
हे अल्लाह! मुझे माफ कर, मुझ पर रहम कर, मुझे हिदायत दे, मुझे आफियत दे और मुझे रिज़्क दे।...
Abu Dawud 850, Tirmidhi 284التَّحِيَّاتُ لِلَّهِ وَالصَّلَوَاتُ وَالطَّيِّبَاتُ، السَّلَامُ عَلَيْكَ أَيُّهَا النَّبِيُّ وَرَحْ...
सभी सलाम, नमाज़ें और पाक बातें अल्लाह के लिए हैं। ऐ नबी! आप पर सलाम हो और अल्लाह की रहमत और बरकतें। हम पर और अल्लाह के न...
Bukhari 831, Muslim 402اللَّهُمَّ صَلِّ عَلَى مُحَمَّدٍ وَعَلَى آلِ مُحَمَّدٍ، كَمَا صَلَّيْتَ عَلَى إِبْرَاهِيمَ وَعَلَى آ...
हे अल्लाह! मुहम्मद पर और मुहम्मद की आल पर रहमत भेज, जैसे तूने इब्राहीम पर और इब्राहीम की आल पर रहमत भेजी। बेशक तू तारीफ ...
Bukhari 3370, Muslim 406اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنْ عَذَابِ جَهَنَّمَ، وَمِنْ عَذَابِ الْقَبْرِ، وَمِنْ فِتْنَةِ الْ...
हे अल्लाह! मैं जहन्नम के अज़ाब से, क़ब्र के अज़ाब से, ज़िंदगी और मौत के फ़ितने से, और मसीह दज्जाल के फ़ितने की बुराई से ...
Bukhari 1377, Muslim 588رَبَّنَا آتِنَا فِي الدُّنْيَا حَسَنَةً وَفِي الْآخِرَةِ حَسَنَةً وَقِنَا عَذَابَ النَّارِ
हे हमारे रब! हमें दुनिया में भलाई दे और आखिरत में भी भलाई दे और हमें आग के अज़ाब से बचा।...
Quran 2:201أَسْتَغْفِرُ اللَّهَ، أَسْتَغْفِرُ اللَّهَ، أَسْتَغْفِرُ اللَّهَ
मैं अल्लाह से माफी मांगता हूं। मैं अल्लाह से माफी मांगता हूं। मैं अल्लाह से माफी मांगता हूं।...
Muslim 591اللَّهُمَّ أَنْتَ السَّلَامُ، وَمِنْكَ السَّلَامُ، تَبَارَكْتَ يَا ذَا الْجَلَالِ وَالْإِكْرَامِ
हे अल्लाह! तू सलाम है और सलामती तुझ से है। ऐ जलाल व इकराम वाले! तू बाबरकत है।...
Muslim 591اللَّهُ لَا إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ الْحَيُّ الْقَيُّومُ ۚ لَا تَأْخُذُهُ سِنَةٌ وَلَا نَوْمٌ ۚ لَهُ مَا...
अल्लाह, उसके सिवा कोई पूज्य नहीं, वह ज़िंदा है, सबको संभालने वाला है। उसे न ऊंघ आती है न नींद। आसमानों और ज़मीन में जो क...
Quran 2:255