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10 duas

1

رَبِّ زِدْنِي عِلْمًا

ऐ मेरे रब! मेरा इल्म बढ़ा दे।...

Quran 20:114
2

اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ عِلْمًا نَافِعًا، وَرِزْقًا طَيِّبًا، وَعَمَلًا مُتَقَبَّلًا

हे अल्लाह! मैं तुझसे फ़ायदेमंद इल्म, पाकीज़ा रिज़्क़ और कबूल होने वाला अमल मांगता हूं।...

Ibn Majah 925
3

رَبِّ اشْرَحْ لِي صَدْرِي، وَيَسِّرْ لِي أَمْرِي، وَاحْلُلْ عُقْدَةً مِنْ لِسَانِي، يَفْقَهُوا قَوْل...

ऐ मेरे रब! मेरा सीना खोल दे, मेरा काम आसान कर दे, मेरी ज़ुबान की गिरह खोल दे ताकि वे मेरी बात समझें।...

Quran 20:25-28 (Dua of Prophet Musa)
4

اللَّهُمَّ انْفَعْنِي بِمَا عَلَّمْتَنِي، وَعَلِّمْنِي مَا يَنْفَعُنِي، وَزِدْنِي عِلْمًا

हे अल्लाह! जो तूने मुझे सिखाया उससे मुझे फ़ायदा पहुंचा, जो फ़ायदेमंद हो वह मुझे सिखा और मेरा इल्म बढ़ा।...

Tirmidhi 3599
5

بِسْمِ اللَّهِ، اللَّهُمَّ افْتَحْ عَلَيْنَا حِكْمَتَكَ، وَانْشُرْ عَلَيْنَا رَحْمَتَكَ، يَا ذَا الْ...

अल्लाह के नाम से। हे अल्लाह! हम पर अपनी हिकमत खोल दे और हम पर अपनी रहमत फैला दे, ऐ जलाल और इकराम वाले।...

Tabarani in Al-Mu'jam
6

اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْتَوْدِعُكَ مَا قَرَأْتُ وَمَا حَفِظْتُ وَمَا تَعَلَّمْتُ، فَرُدَّهُ عَلَيَّ عِ...

हे अल्लाह! मैंने जो पढ़ा, जो याद किया और जो सीखा, सब तुझे सौंपता हूं। जब ज़रूरत हो तो मुझे लौटा दे।...

Reported by scholars
7

اللَّهُمَّ لَا سَهْلَ إِلَّا مَا جَعَلْتَهُ سَهْلًا، وَأَنْتَ تَجْعَلُ الْحَزْنَ إِذَا شِئْتَ سَهْلً...

हे अल्लाह! तेरे आसान किए बिना कुछ आसान नहीं और तू अगर चाहे तो मुश्किल को भी आसान बना दे।...

Ibn Hibban 2427, Ibn Sunni 351
8

اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنْ عِلْمٍ لَا يَنْفَعُ، وَمِنْ قَلْبٍ لَا يَخْشَعُ، وَمِنْ نَفْسٍ ل...

हे अल्लाह! मैं बेफ़ायदा इल्म से, खुशू न करने वाले दिल से, सब्र न करने वाले नफ़्स से और कबूल न होने वाली दुआ से तेरी पनाह...

Muslim 2722
9

اللَّهُمَّ اجْعَلْ فِي قَلْبِي نُورًا، وَفِي بَصَرِي نُورًا، وَفِي سَمْعِي نُورًا، وَعَنْ يَمِينِي ن...

हे अल्लाह! मेरे दिल में नूर दे, मेरी आंखों में नूर दे, मेरे कानों में नूर दे, मेरे दाएं नूर दे और मेरे बाएं नूर दे।...

Bukhari 6316, Muslim 763
10

اللَّهُمَّ أَرِنَا الْحَقَّ حَقًّا وَارْزُقْنَا اتِّبَاعَهُ، وَأَرِنَا الْبَاطِلَ بَاطِلًا وَارْزُقْ...

हे अल्लाह! हमें हक़ को हक़ दिखा और उसकी पैरवी नसीब कर, और बातिल को बातिल दिखा और उससे बचना नसीब कर।...

Reported by scholars