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الفيل
Al-Fil
The Elephant
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ
अत्यंत कृपाशील, परम दयालु अल्लाह के नाम से
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आयत:
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أَلَمْ تَرَ كَيْفَ فَعَلَ رَبُّكَ بِأَصْحَـٰبِ ٱلْفِيلِ
alam tara kayfa faʿala rabbuka bi-aṣḥābi l-fīli
क्या तुमने नहीं देखा कि तुम्हारे पालनहार ने हाथी वालों के साथ किस तरह किया?
أَلَمْ يَجْعَلْ كَيْدَهُمْ فِى تَضْلِيلٍۢ
alam yajʿal kaydahum fī taḍlīlin
क्या उसने उनकी चाल को विफल नहीं कर दिया?
وَأَرْسَلَ عَلَيْهِمْ طَيْرًا أَبَابِيلَ
wa-arsala ʿalayhim ṭayran abābīla
और उनपर झुंड के झुंड पक्षी भेजे।
تَرْمِيهِم بِحِجَارَةٍۢ مِّن سِجِّيلٍۢ
tarmīhim biḥijāratin min sijjīlin
जो उनपर पकी हुई मिट्टी (खंगर) की कंकड़ियाँ फेंक रहे थे।
فَجَعَلَهُمْ كَعَصْفٍۢ مَّأْكُولٍۭ
fajaʿalahum kaʿaṣfin makūlin
तो उसने उन्हें खाए हुए भूसे की तरह कर दिया।1