duas_cat_protection

10 duas

1

اللَّهُ لَا إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ الْحَيُّ الْقَيُّومُ ۚ لَا تَأْخُذُهُ سِنَةٌ وَلَا نَوْمٌ ۚ لَهُ مَا...

अल्लाह, उसके सिवा कोई माबूद नहीं, वह ज़िंदा है, सब कुछ संभालने वाला। उसे न ऊंघ आती है न नींद। आसमानों और ज़मीन में जो कु...

2

قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ الْفَلَقِ ۝ مِنْ شَرِّ مَا خَلَقَ ۝ وَمِنْ شَرِّ غَاسِقٍ إِذَا وَقَبَ ۝ وَمِنْ ...

कहो: मैं सुबह के रब की पनाह मांगता हूं। उसकी मखलूक के शर से। और अंधेरी रात के शर से जब छा जाए। और गिरहों में फूंकने वालि...

3

قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ النَّاسِ ۝ مَلِكِ النَّاسِ ۝ إِلَٰهِ النَّاسِ ۝ مِنْ شَرِّ الْوَسْوَاسِ الْخَنَ...

कहो: मैं लोगों के रब की पनाह मांगता हूं। लोगों के बादशाह की। लोगों के माबूद की। पीछे हट जाने वाले वसवसा डालने वाले के शर...

4

أَعُوذُ بِكَلِمَاتِ اللَّهِ التَّامَّاتِ مِنْ شَرِّ مَا خَلَقَ

मैं अल्लाह के मुकम्मल कलमात की पनाह मांगता हूं उसकी मखलूक के शर से।...

5

أُعِيذُكُمَا بِكَلِمَاتِ اللَّهِ التَّامَّةِ مِنْ كُلِّ شَيْطَانٍ وَهَامَّةٍ وَمِنْ كُلِّ عَيْنٍ لَا...

मैं तुम्हें अल्लाह के मुकम्मल कलमात की पनाह में देता हूं हर शैतान, ज़हरीले जानवर और हर बुरी नज़र से।...

6

بِسْمِ اللَّهِ تَوَكَّلْتُ عَلَى اللَّهِ وَلَا حَوْلَ وَلَا قُوَّةَ إِلَّا بِاللَّهِ

अल्लाह के नाम से, मैं अल्लाह पर भरोसा करता हूं, और कोई ताकत व कुव्वत नहीं मगर अल्लाह की मदद से।...

7

اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ خَيْرَ الْمَوْلَجِ وَخَيْرَ الْمَخْرَجِ، بِسْمِ اللَّهِ وَلَجْنَا، وَبِ...

ऐ अल्लाह! मैं तुझसे बेहतरीन दाखिले और बेहतरीन निकलने का सवाल करता हूं। अल्लाह के नाम से हम दाखिल हुए, अल्लाह के नाम से ह...

8

لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ الْعَظِيمُ الْحَلِيمُ، لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ رَبُّ الْعَرْشِ الْعَظِيم...

अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं, वह अज़ीम और हलीम है। अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं, वह अर्श-ए-अज़ीम का रब है। अल्लाह के स...

9

اللَّهُمَّ إِنَّا نَسْأَلُكَ فِي سَفَرِنَا هَذَا الْبِرَّ وَالتَّقْوَى، وَمِنَ الْعَمَلِ مَا تَرْضَى...

ऐ अल्लाह! हम तुझसे इस सफर में नेकी, तक्वा और ऐसे अमल का सवाल करते हैं जो तुझे राज़ी करे। ऐ अल्लाह! हमारे इस सफर को आसान ...

10

اللَّهُمَّ احْفَظْنِي مِنْ بَيْنِ يَدَيَّ وَمِنْ خَلْفِي وَعَنْ يَمِينِي وَعَنْ شِمَالِي وَمِنْ فَوْ...

ऐ अल्लाह! मेरी हिफाज़त फरमा मेरे आगे से, पीछे से, दाएं से, बाएं से और ऊपर से। और मैं तेरी अज़मत की पनाह मांगता हूं नीचे ...